सोमवार, 6 नवंबर 2017

फिजा

चंद पत्ते 

टूटे तो सोचा

फिज़ा छा गई

अब

बगिया वीरान हैं

तो सोचते हैं

पतझड़ अभी बाकी हैं ....

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