कैसे
मुबारकबाद
देदूं उसे,
जब
सांसें
हि थम
रही
हो अपनी,
थम तो
गई थी
मुद्दत पहले हि
जीन्दगी
अब तो
बस बोझ
सांसों
का बचा
हैं
शुक्रवार, 27 जनवरी 2017
मुबारकबाद
तुम्हे समझ नहीं आता
मुझसे नहीं होता
कि मैं तुम्हें बुलाऊं
पर क्या तुम्हें
बुलाने के लिए
यही जरूरी रह गया है
क्या मेरा बेवजह का
गुस्सा तुम्हें समझ नहीं आता
क्या मेरा बोलते बोलते
यूं ही
चुप हो जाना
तुम्हें समझ नहीं आता
क्या मेरे दर्द पे
मेरा सर्द
सा मुस्कुरा देना
तुम नहीं समझते
मेरी इन आंखों का
खालीपन
क्या तुम्हें
कुछ नहीं कह पाता
मेरी खामोशी में छुपी
तेरी आरजू भी
क्या तुम्हें महसूस नहीं होती
मेरी बिखरी बिखरी सी
जिंदगी को समेटने का
क्या तुम्हें कभी ख्याल नहीं आया
और गर
यह सब भी
तुम्हें समझ नहीं आता
तो क्या
लफ़्ज़ों के बयान से
मैं तुम्हें पा लूंगा...
शुक्रवार, 21 अक्टूबर 2016
रिस्ते
रिस्ते , रोज रिसते हैं ये रिस्ते ,
घाव गहरा हो या मामुली
पर हर रोज बह रही हैं इनसे मवाद,
शुरू शुरू में हम
नाक - भोहं सिकोड़ते थे
इन रिस्तों कि दुर्गन्ध पे ,
पर घिरे - घिरे
हम सब आदी हो जाते हैं
इस गंध के
और अहीस्ता - आहीस्ता
रिस्तो के रिसाव से उपजी गंध
कि समस्याऐ कम होने लगती हैं
क्योकी
समस्याऐ तो संवेदना और ज्ञान से उपजती हैं ,
जड़ता भी तो
समस्याओ का समाधान हो सकता हैं !
पर विचलित मन जड़ता कहाँ से लाये .....
रिस्तों का अवीलम्भ
स्वार्थ के स्तम्भ पे हि टिका हैं ,
प्रेम तो कहीं हैं हि नहीं
सिर्फ और सिर्फ स्वार्थ हैं
जिसके बल पे रिस्ते चल रहे हैं ।
कभी कभी तो
घिन्न आती हैं अपने इस आडम्बर भरे जीवन से ....।
उपकार का " कसमें वादे प्यार वफा.. झूठे नाते हैं नातो का क्या ......
अनायास हि
जब तब कोंधती रहती
ऐसी रचनाये मुझ जैसे लोगों को
....
बुधवार, 12 अक्टूबर 2016
तेरे हि जैसा हूँ
वो अक्सर कहता हैं
मुझ से ,
मैं तेरे हि जैसा हूँ !
तु धुंधलका हैं
शांम का ,
मैं भोर का उजाला हूँ ,
वो अक्सर कहता हैं
मुझ से ,
मैं तेरे हि जैसा हूँ !
तु रात का काला
सन्नाटा ,
मैं दिवस का जलसा हूँ ,
वो अक्सर कहता हैं
मुझसे ,
मैं तेरे हि जैसा हूँ !
तु पाने को प्रेम
आतुर हैं ,
मैं उसी प्रेम में
मर्यादित हूँ ,
वो अक्सर कहता हैं
मुझ से ,
मैं तेरे हि जैसा हूँ
वो अक्सर कहता हैं
मुझ से ...!!
रविवार, 25 सितंबर 2016
शुक्रवार, 16 सितंबर 2016
तजुर्बे
जिन्दगी
सांसो के
दरमीयां
हि रह गई !
'फलक'
तजुर्बे इतने
हो गये कि
मंजिल
कि ख्वाहिश
हि खत्म
हो गई ...।।